SSL Certificate क्या है ? और ये काम कैसे करता है ?

अगर आपने भी अभी-अभी SSL Certificate के बारे में सुना है और आप इसके बारे में जानकारी पाना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर आये हैं।

इस पोस्ट में मै आपको बताऊँगा की एक SSL Certificate क्या होता है ? यह काम कैसे करता है ? ये कितने प्रकार का होता है ? इसके क्या फायदे होते हैं ? और हमे फ्री SSL Certificate इस्तेमाल करना चाहिए या फिर Paid SSL Certificate। तो दोस्तों इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढियेगा।

चलिए सबसे पहले जानते हैं की

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SSL Certificate क्या होता है ?

दोस्तों अगर मै एकदम Technical Definition पर जाऊँ तो SSL Certificate एक Data File होती है जोकि आपकी वेबसाइट के Web Server पर Hosted होती है। यह फाइल आपके Web Server और आपके वेबसाइट यूजर के Web Browser के बीच में होने वाले Communication को Encryption के जरिये Secure बनाती है।

आसान शब्दों में कहूँ तो SSL Certificate आपके Web Server और Website User के बीच होने वाले Data के आदान प्रदान को सुरक्षित बनाता है।

ज्यादा Technical हो गया क्या ? अगर हाँ, तो चिंता न करिये बस आगे पढ़ते जाइये आपको सब एकदम Clear हो जायेगा।

जब भी आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं तो आपको आपके वेब ब्राउज़र के Address Bar में वेबसाइट के नाम के आगे या तो HTTP लिखा दिखाई देता है या फिर HTTPS। जैसे की मेरी वेबसाइट के नाम के आगे आपको HTTPS लिखा दिखाई देता है।

यह HTTPS और इसके सामने लगा हरे रंग का ताला यह दर्शाता है की मेरी वेबसाइट एक SSL Secured वेबसाइट है। अगर मै अपनी वेबसाइट पर SSL Certificate का इस्तेमाल न करूँ तो मेरी वेबसाइट के नाम के आगे आपको केवल HTTP लिखा दिखाई देगा जिसका मतलब यह होगा की मेरी वेबसाइट SSL Secured वेबसाइट नहीं है।

SSL Secured वेबसाइट का मतलब यह होता है की आप वेबसाइट पर जो भी Data डालेंगे वो उस वेबसाइट के वेब सर्वर तक एक encrypted form में पहुँचेगा। और इसी प्रकार से उस वेब सर्वर से आप तक पहुँचने वाला data भी encrypted होगा।

Encrypted का मतलब होता है की हम जो भी डाटा का आदान-प्रदान करेंगे वो सभी एक Code Language में होगा ताकि उसे कोई दूसरा व्यक्ति पढ़ न सके या चोरी न कर सके।

दोस्तों मुझे लगता है की अब आपको यह समझ आ गया होगा की SSL Certificate क्या होता है और इसका क्या काम होता है। लेकिन इससे पहले की मै आपको यह बताना शुरू करूँ की SSL Certificate काम कैसे करता है उससे पहले मै आपको कुछ बेसिक चीजे बताना चाहूँगा ताकि आपको आगे का Content समझने में आसानी हो।

ये बेसिक चीजे हैं :

  • HTTP और HTTPS में क्या अंतर होता है ?
  • SSL की Full Form क्या होती है ? 
  • Cryptography क्या है ?
  • Public Key और Private Key क्या होती है ?
  • CA क्या होता है ?

तो चलिए सबसे पहले जानते हैं की

HTTP और HTTPS में क्या अंतर होता है ?

http vs https

दोस्तों HTTP की Full Form होती है Hypertext Transfer Protocol। यह एक Protocol होता है जिसका इस्तेमाल Data का आदान-प्रदान करने के लिए किया जाता है। Protocol को आप एक प्रकार की Guidelines या Rules मान सकते हैं।

जैसे की हमारे देश में एक नियम है की आपको रोड पर गाड़ी बायें हाथ पर ही चलानी है। इसी प्रकार से एक Web Server को भी HTTP प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करना पड़ता है सही से Data का आदान-प्रदान करने के लिए।

HTTP Protocol Application Layer पर काम करता है जोकि Network Architecture में Top Most Layer होती है। यह प्रोटोकॉल Communication के लिए Port 80 का इस्तेमाल करता है। इसमें किसी भी प्रकार का Encryption नहीं होता है जिसकी वजह से इसे Secure नहीं माना जाता है।

दोस्तों HTTPS की Full Form होती है Hypertext Transfer Protocol Secure। यह प्रोटोकॉल भी HTTP की तरह ही Communication के लिए इस्तेमाल होता है हालाँकि इसमें Encryption का इस्तेमाल होता है जिसकी वजह से इसे Secure माना जाता है।

HTTPS Transport Layer पर काम करता है जोकि Network Architecture में मध्य में स्थित होती है। जहाँ HTTP Communication के लिए Port 80 का इस्तेमाल करता है वहीं HTTPS Port 443 का इस्तेमाल करता है।

HTTP को काम करने के लिए किसी भी प्रकार के Certificate की आवश्यकता नहीं होती है वहीं HTTPS को काम करने के लिए SSL Certificate की आवश्यकता होती है।

SSL की Full Form क्या है ?

SSL की Full Form होती है Secured Socket Layer।

दोस्तों हम HTTPS को HTTP Over Secured Socket Layer भी कहते हैं।

Cryptography क्या है ?

Cryptography एक ऐसा तरीका होता है जिसके जरिये हम किसी भी Text Message को भेजने से पहले उसे हम Code Language में बदल देते हैं और जब वह मैसेज पहुँच जाता है तो उसे हम वापस उसके पुराने रूप में बदल देते हैं ताकि उसे पढ़ा जा सके।

इस Process में हम दो तरह की Keys का इस्तेमाल करते हैं एक होती है Private Key और दूसरी होती है Public Key।

Public Key और Private Key क्या होती है ?

Private Key:

दोस्तों Private Key में होता ये है की हमारे पास केवल एक ही Key होती है Message को Code और Decode करने के लिए।

इसको इस तरह से समझ लीजिये की आपने बाजार से एक ताला खरीदा और उसमे आपको उस ताले की 2 चाभियाँ मिली। एक आपने रख ली और एक आपने अपने मित्र को दे दी।

तो अगर आपको अपने मित्र को कोई जरूरी सामान भेजना होगा तो आप उसे एक छोटे से बॉक्स में बंद करेंगे और उसमे ताला लगा के डाकिये को दे देंगे। क्यूँकि आपके बॉक्स में ताला लगा हुआ है इसलिए न तो डाकिया और न ही कोई अन्य व्यक्ति आपके बॉक्स को खोल पायेगा।

जब डाकिया आपके बॉक्स को आपके मित्र तक पहुँचा देगा तो वो उसे खोल लेगा क्यूँकि उसके पास भी उस ताले की एक चाभी होगी।

तो दोस्तों Private Key में केवल एक ही Key का इस्तेमाल किया जाता है Message को Code और Decode करने के लिए।

इस Cryptographic Technique को हम Symmetric Key Cryptography भी कहते हैं क्यूँकि इसमें एक ही Key का इस्तेमाल Coding और Decoding के लिए किया जाता है।

Public Key:

दोस्तों इस Cryptographic Technique में 2 Keys का इस्तेमाल किया जाता है Message को Code और Decode करने के लिए। जिसमे से एक होती है Public Key और दूसरी होती है Private Key।

Public Key एक ऐसी के Key होती है जोकि सबको पता होती है जबकि Private Key एक Secret Key होती है जोकि केवल आपको (Receiver) ही पता होती है।

चलिए इसे एक उदहारण से समझ लेते हैं।

आपके पास एक Email Account तो होगा ही। तो उसमे आपका Email Address एक Public Key है जोकि सबको पता है या आप किसी को भी उसे दे सकते हैं। जबकि आपका Password एक Private Key है जोकि केवल आपको पता है और इसके जरिये ही आप अपने Email Account को Access कर पाते हैं।

मान लीजिये की मुझे आपको एक Message भेजना है और ऐसे भेजना है की उसे आपके अलावा कोई दूसरा व्यक्ति न पढ़ सके। इसके लिए मै आपसे आपका Email Address यानि की आपकी Public Key माँगूँगा। आप मुझे अपना ईमेल एड्रेस दे देंगे।

अब मै आपके दिए हुए Email Address पर वो Message भेज दूँगा। जिसके फल स्वरुप आप अपनी Private Key यानि की Email Account के Password का इस्तेमाल करके अपने ईमेल अकाउंट को Access करेंगे और उस मैसेज को पढ़ लेंगे।

तो दोस्तों इस Method में भी आपका Message पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा।

क्यूँकि इस Method में 2 अलग-अलग प्रकार की Keys का इस्तेमाल होता है इसलिए हम इसे Asymmetric Key Cryptography भी कहते हैं।

Public Key Cryptographic Method Private Key के मुक़ाबले थोड़ा Slow होता है।

CA क्या होता है ?

CA का Full Form होता है Certificate Authority। दोस्तों Certificate Authority एक ऐसी संस्था होती है जोकि यह Validate करती है की यह Domain Name, Website, Organization या Business आपका ही है और आपको यह एक Digital Certificate प्रदान करती है जिसे हम SSL Certificate कहते हैं।

इनके द्वारा प्रदान किये हुए Digital Certificates पर ये संस्थाएं अपने Digital Signatures करती हैं जिसके जरिये यह पता लगाया जाता है की Digital Certificate Valid है या नहीं।

दूसरे शब्दों में कहूँ तो ये संस्थाएं आपकी Public Key को Validate करती हैं।

चलिए इसे भी एक उदहारण से समझ लेते हैं। मान लीजिये की आपको मुझे एक मैसेज भेजना है जिसके लिए आपने मुझसे मेरी Public Key माँगी तो मैंने आपको अपना Email Address दे दिया लेकिन इसकी क्या Guarantee है की मैंने जो ईमेल एड्रेस आपको दिया वो मेरा ही है।

इस केस में एक Certificate Authority आपको ये Verify करेगा की मैंने जो Email Address आपको दिया है वो मेरा ही है। तो Overall ये भी Security को बढ़ाता है।

SSL Certificate काम कैसे करता है ?

दोस्तों SSL कैसे काम करता है यह थोड़ा Technical Concept है लेकिन मै इसे आपको बहुत ही आसान शब्दों में समझाने की कोशिश करूँगा। मुझे उम्मीद है की आपको ये समझ आयेगा।

मान लीजिये की आपको मेरी वेबसाइट पर विजिट करना है जो की एक SSL Secured वेबसाइट है। तो इसके लिए आप अपने Web Browser के Address Bar में मेरी वेबसाइट का URL डालेंगे जोकि है https://hostinghindi.in

अब जैसे ही आप Enter का बटन दबायेंगे आपका वेब ब्राउज़र मेरी वेबसाइट के वेब सर्वर से एक SSL Secured Webpage को भेजने की Request करेगा।

इसके जवाब में मेरा Web Server आपके Web Browser को अपनी Public Key और SSL Certificate भेज देगा। इस SSL Certificate पे एक Certificate Authority का Digital Signature होगा।

SSL Certificate Working

आपके Web Browser को जैसे ही मेरे Web Server द्वारा भेजा गया SSL Certificate मिलेगा वह उसमे मौजूद Digital Signature को Verify करेगा। अगर वह इस Digital Signature को सही पाता है तो वह मेरे SSL Certificate को Valid मान लेगा और इसके साथ ही उसे ये भी पता चल जायेगा की जो Public Key मेरे Web Server ने उसे भेजी है वो मेरे Web Server की ही है।

Verification Complete होते ही आपके Web Browser में एक Green Color का Padlock दिखने लगेगा।

Verification का Process Complete होने के बाद अब आपका Web Browser दो Secret Keys(Private Keys) बनाएगा जोकि एक जैसी होंगी। जिसमे से एक को वो अपने पास रखेगा और दूसरी को वो मेरे Web Server को भेज देगा।

working of ssl certificate in Hindi

इस भेजी हुई Secret Key को कोई रास्ते में न देख ले इसके लिए आपका Web Browser उस Secret Key को मेरे Web Server की Public Key के जरिये भेजेगा।

अब आपके Web Browser और मेरे Web Server के पास एक-एक Secret Key हो जायेगी जिसका इस्तेमाल करके अब दोनों Data का आदान-प्रदान करेंगे। दूसरे शब्दों में कहूँ तो अब दोनों ही अपनी-अपनी Secret Keys का इस्तेमाल करके Data को Encrypt और Decrypt करेंगे।

SSL Certificate के प्रकार:

SSL Certificate तीन प्रकार के होते हैं :

1. Domain Validated Certificates (DV SSL)

2. Organization Validated Certificates (OV SSL)

3. Extended Validated Certificates (EV SSL)

Domain Validated Certificates (DV SSL):

दोस्तों यह सबसे बेसिक प्रकार का SSL Certificate होता है। इस प्रकार के Certificates को प्रदान करते समय Certificate Authority केवल यह देखते हैं की आपका Domain पर Control है या नहीं। वो आपकी Identity और Business को verify नहीं करते हैं।

यही कारण है की ये Certificates बहुत ही जल्दी Issue कर दिये जाते हैं। आमतौर पर यह Certificates कुछ ही मिनटों में Issue कर दिये जाते हैं। कभी-कभार इन्हे issue करने में एक दिन का समय लग जाता है।

बहुत सी वेब होस्टिंग प्रदान करने वाली कंपनिया जैसे Bluehost, HostGator, FastComet, A2 Hosting, SiteGround इत्यादि अपने वेब होस्टिंग प्लान्स के साथ आपको फ्री में इस प्रकार के SSL Certificates को प्रदान कर देती हैं।

Web Hosting कंपनियों के अलावा भी बहुत सी ऐसी कंपनिया हैं जोकि आपको फ्री में SSL Certificates प्रदान करती हैं जैसे Cloudflare, Let’s Encrypt इत्यादि।

दोस्तों इस प्रकार के SSL Certificates को पहचानना बहुत ही आसान होता है। जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं जोकि इस प्रकार के SSL Certificate को इस्तेमाल कर रही होती है तो आपको आपके Address Bar में https से पहले एक हरे रंग का ताला लगा दिखता है। जब आप इस ताले पर क्लिक करेंगे तो आपको उस वेबसाइट के बारे में बहुत ही Limited जानकारी मिलेगी।

हालाँकि, इससे Security पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इस प्रकार के Certificate में आपकी Website उतनी ही Secure रहती है जितनी की वो किसी अन्य प्रकार के SSL Certificate के साथ होती है।

Domain Validated SSL Certificates किसी भी बेसिक वेबसाइट या ब्लॉग के लिए पर्याप्त होते हैं। हालाँकि, अगर आप कोई eCommerce Website या कोई ऐसी वेबसाइट बनाते हैं जहाँ की आपको अपनी Identity या Business की Ownership को Verify करवाना हो तो आपको अन्य प्रकार के SSL Certificates का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

Organization Validated SSL Certificates (OV SSL):

दोस्तों Organization Validated Certificates वो Certificates होते हैं जिनमे की Certificate Authority आपकी Identity और Business Ownership को Verify करते हैं। इस प्रकार के Certificates आमतौर पर कुछ दिनों के अंदर Issue कर दिये जाते हैं।

इन Certificates को भी पहचानना बहुत ही आसान होता है। ये Certificates भी ब्राउज़र में DV SSL Certificates की तरह ही दिखाई देते हैं जहाँ पर की आपको https के बगल में एक हरे रंग का ताला दिखाई देता है। इस ताले पर क्लिक करते ही आपको उस कंपनी की जानकारी दिखने लगती है जिसका वह Domain होता है।

यह बेसिक जानकारी होती है जैसे की कंपनी का नाम, पता, देश इत्यादि।

OV SSL Certificates भी अन्य SSL Certificates की तरह ही बहुत ही Secure होते हैं। हालाँकि, क्यूँकि इनमे Certificate Authority आपकी identity और business को verify करता है और साथ ही Web Browser में Certificate में आपकी कंपनी का नाम, पता इत्यादि दिखाई देता है जिसकी वजह से लोगो का विश्वास आपकी Website में बढ़ जाता है। यही कारण है की ज्यादातर eCommerce Websites इस प्रकार के SSL Certificates का इस्तेमाल करती हैं।

Organization Validated Certificates आपको फ्री में नहीं मिलते हैं। इनके लिए आपको कुछ Annual या Monthly Fees Pay करनी पड़ती है।

ये Certificates DV SSL Certificates के मुक़ाबले ज्यादा भरोसेमंद होते हैं क्यूँकि इसमें लोगो को पता चल जाता है की उस वेबसाइट के पीछे कौन है और वो किसे अपनी जानकारी दे रहे हैं।

Extended Validated SSL Certificates (EV SSL):

EV SSL Certificates सबसे महँगे प्रकार के SSL Certificates होते हैं क्यूँकि इसमें Certificate Authority Individual, Company या Organization के बारे में बहुत ही गहराई से पड़ताल करते हैं।

इन Certificates को Issue करते समय CA चेक करते हैं की वो कंपनी या Organization उस Domain Name की मालिक है या नहीं, वो कंपनी Legally Exist करती भी है की नहीं, क्या वो कंपनी Physically Exist करती है की नहीं ?, और अगर करती है तो उसका Address कहाँ है ? इत्यादि।

क्यूँकि इस प्रकार के SSL Certificates को Issue करने के लिए बहुत ही गहराई से जाँच-पड़ताल की जाती है इसलिए ही इन Certificates को जारी करने के लिए कई बार Certificate Authorities कई हफ्तों का समय ले लेती हैं।

Extended Validated SSL Certificates को पहचानना भी बहुत ही आसान होता है। जब आप किसी ऐसी वेबसाइट पर जाते हैं जहाँ की EV SSL Certificate इस्तेमाल किया जाता हो तो आपके Web Browser का आधा या पूरा Address Bar हरे रंग का हो जाता है जिसमे की आपको एक ताले और https के साथ उस कंपनी का नाम भी लिखा दिखाई देता है।

इस प्रकार के Certificates उन वेबसाइट Owners के लिए अच्छे होते हैं जो अपने वेबसाइट के users को ये भरोसा दिलाना चाहते हैं की वो एक Safe Website पर हैं और उनका Business एक Legitimate Business है।

दोस्तों वेबसाइट के Size और Scope के अलावा एक और Factor भी होता है जिसके आधार पर हम SSL Certificates को विभाजित करते हैं। ये Factor होता है Number Of Domains जिन पर की हम SSL Certificates का इस्तेमाल करना चाहते हैं।

तो चलिए इस आधार पर भी हम SSL Certificates के प्रकारो के बारे में जान लेते हैं।

Types Of SSL Certificates:

दोस्तों हमे कितने Domains पर SSL Certificate को इस्तेमाल करना है इसके आधार पर SSL Certificates 4 प्रकार के होते हैं :

1. Single-Domain SSL Certificates

2. Wildcard SSL Certificates

3. Multi-domain SSL Certificates

4. Unified Communications Certificate

Single-Domain SSL Certificate:

जैसा की आपको नाम से ही पता चल रहा होगा। इस प्रकार के SSL Certificates केवल एक ही Domain के लिए issue किये जाते हैं। इसका मतलब यह हुआ की आप इस SSL Certificate को केवल एक ही Domain पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

यह SSL Certificate आपकी वेबसाइट के सभी पेजो को सुरक्षित करता है। इस प्रकार के SSL Certificates आपको तीनो लेवल के Validation के लिए मिल जाते हैं। जिसका मतलब यह हुआ की आप चाहें तो अपने Single Domain के लिए DV SSL, OV SSL या फिर EV SSL Certificate ले सकते हैं। ये तीनो Varieties में उपलब्ध होते हैं।

Wildcard SSL Certificates:

दोस्तों इस प्रकार के SSL Certificate को आप अपने Single Domain और उसके सभी Subdomains के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे अगर मै चाहूँ तो इस प्रकार के SSL Certificate को अपने Domain ‘https://hostinghindi.in’ के लिए इस्तेमाल कर सकता हूँ। साथ ही मै इस प्रकार के SSL Certificate को अपने सभी Subdomains जैसे ‘https://en.hostinghindi.in’ इत्यादि के साथ भी इस्तेमाल कर सकता हूँ।

इस प्रकार के SSL Certificate केवल DV SSL और OV SSL लेवल पर उपलब्ध होते हैं। आपको इसमें EV SSL Certificates नहीं मिलते हैं।

Multi-Domain SSL Certificates:

जैसा की आपको नाम से पता चल रहा होगा। इस प्रकार के SSL Certificates को हम 100 Domains तक के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं जिनमे की Subdomains भी शामिल हैं।

Unified Communications Certificate:

ये Certificates भी Multi-Domain SSL Certificates की तरह ही होते हैं जोकि 100 Domains और Subdomains को Secure कर सकते हैं। हालाँकि, इस प्रकार के SSL Certificates वहाँ इस्तेमाल होते हैं जहाँ की Microsoft Exchange और Office Communication का इस्तेमाल होता है। ये Certificates IP Addresses के जगह Subject Alternative Name (SAN) Extension का इस्तेमाल करते हैं Domains को सुरक्षित करने के लिए।

SSL Certificate के फायदे :

दोस्तों अपनी पर SSL Certificate को इस्तेमाल करने के कई सारे फायदे होते हैं जैसे :

Security:

SSL Certificate को इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा फायदा ये होता है की ये Web Browser और Web Server के बीच होने वाले Communication को Secure बनाता है।

क्यूँकि Communication Secure होता है इसलिए कोई भी Hacker आपके Data को Read नहीं कर पाता है।

आपकी Identity को Confirm करता है:

जैसा की मैंने आपको ऊपर बताया हुआ है की SSL Certificate को एक Certificate Authority जारी करता है जो Domain के मालिक की Identity और उसके Business को Verify करता है। इससे आपको ये जानने में आसानी होती है की उस वेबसाइट के पीछे कौन है और क्या वो एक Legitimate Business कर रहे हैं।

Search Engine Ranking को बेहतर करता है :

दोस्तों जब भी आप कोई वेबसाइट बनाते हैं आपका पहला target होता है Search Engines पे अच्छा रैंक करना। आज के समय में Search Engines उन Websites को ऊपर रैंक करते हैं जो की SSL Certificates का इस्तेमाल कर रही होती हैं।

तो अगर आपको भी अपनी Website को Search Engines पर ऊपर रैंक करवाना है तो आपको SSL Certificate का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

Customer का भरोसा बढ़ता है :

दोस्तों SSL Certificates आपके वेबसाइट Visitors का आपकी वेबसाइट पर भरोसा बढ़ाता है। जब भी कोई Visitor या Customer आपकी वेबसाइट पर आता है और उसे एक हरे रंग का ताला दिखता है तो वह अपने आपको Secure महसूस करता है।

साथ ही, क्यूँकि कुछ SSL Certificates आपकी identity और business को भी verify करते हैं तो इससे लोगो को पता चलता है की वो किसके साथ बिज़नेस करने जा रहे हैं इससे भी उनका भरोसा आप पर और आपकी वेबसाइट पर बढ़ता है।

Web Browsers पर Warning नहीं दिखती :

आज के समय में जब Data Security को बहुत महत्व दिया जा रहा है इसलिए यह अनिवार्य हो जाता है की आप अपनी वेबसाइट पर SSL Certificate का इस्तेमाल करें।

आज के सभी Modern Web Browsers आपको SSL Certificate इस्तेमाल करने के लिए force करते हैं। वो उन सभी Websites पर users को जाने से पहले Warning देते हैं जो की SSL Certificate का इस्तेमाल नहीं कर रहीं होती हैं। इस Case में ज्यादातर Visitors उन Websites पर जाने से परहेज करते हैं जिनपर की SSL Certificate नहीं होता है।

तो अगर आप अपनी Website पर SSL Certificate का इस्तेमाल करते हैं तो Web Browsers आपकी वेबसाइट को Safe समझेंगे और उस पर किसी प्रकार की भी चेतावनी नहीं देंगे जोकि आपकी वेबसाइट के लिए काफी अच्छा होगा।

हमें Free SSL Certificate इस्तेमाल करना चाहिए या Paid SSL Certificate :

दोस्तों बहुत से लोगो में ये Confusion होता है की हमें Free SSL Certificate इस्तेमाल करना चाहिए या Paid SSL Certificate। तो उन सभी दोस्तों को मै बता देना चाहता हूँ की आप चाहे Free SSL Certificate का इस्तेमाल करें या Paid SSL Certificate का, दोनों ही Case में आपको सामान Level की Security मिलती है।

 Encryption तो Encryption होता है चाहे वो Free में हो या पैसे देके। हालाँकि, Paid SSL Certificates में कंपनिया आपकी Identity और आपके Business की Legitimacy को Verify करती हैं जिससे की लोगो का भरोसा आपमें बढ़ जाता है।

अगर आप मेरी तरह एक साधारण ब्लॉगर हैं जिसका एक ब्लॉग है तो उनके लिए एक Free SSL Certificate ही पर्याप्त है। हालाँकि, अगर आप एक eCommerce Website बना रहें हैं या कोई ऐसी वेबसाइट बना रहें हैं जहाँ की आप अपने Customers से Sensitive Data लेते हैं या पैसो का लेन-देन करते हैं तो ऐसे में आप Paid SSL Certificate ले सकते हैं क्यूँकि वो आपके Customers में Trust को बढ़ाता है जोकि आपके business के लिए अच्छा होगा।

कुछ अच्छी Web Hosting कंपनिया जो फ्री में SSL Certificate प्रदान करती हैं :

दोस्तों नीचे कुछ अच्छी Web Hosting Companies हैं जोकि अपने Web Hosting Plans के साथ आपको फ्री में SSL Certificate प्रदान करती हैं। आप इनमे से किसी भी कंपनी से Web Hosting खरीद सकते हैं ये सभी अच्छी कंपनिया हैं। 

अंतिम शब्द:

तो दोस्तों कैसा लगा आपको मेरा ये पोस्ट ? अगर आपको मेरा ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो आप मेरे YouTube Channel को भी Subscribe कर सकते हैं जहाँ की मै इस प्रकार की बहुत सी जानकारिया शेयर करता हूँ।

मेरी वेबसाइट पर आने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद्। आते रहियेगा।

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